डायबिटीज में दूध दही का सेवन:सेहत के लिए लाभ दायक या हानिकारक ! सही मात्रा और सही समय
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| डायबिटीज में दूध दही का सेवन:सेहत के लिए लाभ दायक या हानिकारक |
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क्या डायबिटीज के मरीजों को डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन करना चाहिए
कुछ लोग और सो-कॉल्ड डाइट एक्सपर्ट्स कई बार कहते हैं कि डायबिटीज के मरीजों को डेयरी प्रोडक्ट्स को अवॉयड करना चाहिए। इन्हें खाने से डायबिटीज के मरीजों की शुगर बढ़ती है और जिन लोगों को डायबिटीज नहीं है, उनके अंदर भी इसके होने का जो रिस्क है, वो कई गुना बढ़ जाता है। ऐसा बहुत सारे लोगों का मानना है। तो आज की इस पोस्ट में हम जानने की कोशिश करेंगे कि सच्चाई क्या है? क्या वाकई में ऐसा है या फिर ये सिर्फ एक अफवाह है? तो चलिए बिना किसी देरी के इसको समझने की कोशिश करते हैं और जानते हैं कि साइंस इस बारे में क्या कहती है? क्या आपको डायबिटीज में दूध और दही का सेवन नहीं करना चाहिए, या अगर करना चाहिए तो ऐसे में कौन-कौन सी सावधानि
याँ रखनी पड़ेंगी?
दूध और दही में मौजूद लैक्टोज और उसका प्रभाव
सबसे पहले यह समझने की कोशिश करते हैं कि दूध और दही को कुछ लोग डायबिटीज के लिए इतना बुरा क्यों मानते हैं। तो देखिए दोस्तों, ऐसा इसलिए हो सकता है कि दूध और दही में लैक्टोज होता है, जोकि एक तरह की नैचुरल शुगर है। जब हम दूध या दही का सेवन करते हैं, तो लैक्टोज हमारे शरीर में जाता है। इसके लिए कुछ लोग ऐसा मानते हैं कि अगर आपको डायबिटीज है, तो दूध और दही से आपको दूर रहना चाहिए, इन्हें अवॉयड करना चाहिए।
इसके अलावा, लैक्टोज इंटॉलरेंस भी एक बहुत ही कॉमन कंसर्न है। बहुत सारे लोग ऐसे होते हैं, आपने अक्सर देखा होगा, जिन्हें दूध हजम नहीं होता है, जोकि लैक्टोज इंटॉलरेंस की वजह से होता है। इसमें आपके अंदर ब्लोटिंग, गैस जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा, होल मिल्क के अंदर हाई सैचुरेटेड फैट होता है दोस्तों, जोकि इंसुलिन रेसिस्टेंस को बढ़ा सकता है, जिससे शुगर की समस्या बढ़ सकती है।
डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन कैसे करें?
अब सवाल यह आता है कि क्या डायबिटीज के मरीजों को डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन करना चाहिए, और अगर करना चाहिए तो इसके लिए क्या तरीका है, वो भी चलिए जानते हैं। तो चलिए आगे बढ़ते हैं और इन सभी बातों के बारे में पूरी डिटेल से जानते हैं। लेकिन उससे पहले, अगर यह वीडियो आपको पसंद आ रही हो, तो फटाफट से लाइक वाला बटन ज़रूर प्रेस कर दीजिए। कंजूसी मत कीजिए, और अगर मन में कोई शंका हो, तो नीचे कॉमेंट सेक्शन में मुझे ज़रूर पूछिएगा। मैं सभी कॉमेंट्स को पढ़ता हूँ।
तो दोस्तों, अगर आपको डायबिटीज है और आप डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन करना चाहते हैं, तो आप बेशक इसका इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन इन्हें बहुत ज़्यादा मात्रा में कंज्यूम नहीं करना है, क्योंकि ऐसा करने से यह ब्लड शुगर पर सिग्निफिकेंट इंपैक्ट डाल सकता है। इसलिए दूध और दही को हमेशा मॉडरेट मात्रा में ही इस्तेमाल करना है।
कितना सेवन करें?
कितना लेना चाहिए, इसकी बात मैं आपको आगे बताऊंगा। वैसे अगर आपको डायबिटीज है, तो कोशिश करें कि हमेशा लो फैट या स्किम्ड मिल्क को ही पिएं। इसमें सैचुरेटेड फैट कम होता है, जिससे कि दिल की बीमारियां और हाई कोलेस्ट्रॉल, जोकि डायबिटीज के मरीजों में बहुत ही कॉमनली पाया जाता है, यह ना हो पाए। इसी तरह से दही की बात करें, तो हमेशा प्लेन, अनस्वीटेंड और अनफ्लेवर्ड दही का ही इस्तेमाल करें। या फिर अगर आप थोड़े से पैसे ज़्यादा खर्च कर सकते हैं, तो ग्रीक योगर्ट का इस्तेमाल करें। यह बहुत ही बढ़िया चीज़ होती है।
सेवन की मात्रा और समय
एक दिन में आप कितना दूध पीते हैं या कितना दही खाते हैं, यह भी बहुत मायने रखता है। अगर आप मॉडरेट मात्रा में इन्हें इस्तेमाल करते हैं, तो इससे आपकी शुगर नहीं बढ़ती है। लेकिन हाँ, एक बात का ध्यान रखना बहुत इंपोर्टेंट है कि एक वक्त में आपको 200 से 250 ml दूध ही पीना है, इससे ज़्यादा नहीं पीना है। अगर आपको एक दिन में 500 ml दूध पीना है, तो जोकि आपकी रोजाना की कैल्शियम रिक्वायरमेंट है, वह काफी हद तक पूरी हो जाती है। तो 500 ml दूध अगर आप पीना चाहते हैं, तो इसके लिए आप इसे दिन में दो या तीन टाइम में डिवाइड कर लीजिए, मानी 200 ml आप दिन में तीन टाइम पी लीजिए या 250 ml करके दिन में दो टाइम पी लीजिए। इससे आपको न्यूट्रिशन भरपूर मिलेगा और आपकी शुगर भी नहीं बढ़ेगी।
आयुर्वेदिक दृष्टिकोण
आयुर्वेद के नजरिए से देखा जाए, तो आपको हमेशा गर्म दूध ही पीना चाहिए। यह बॉडी को नरीशमेंट देता है और वात और पित्त दोष को शांत करने का काम करता है। और अगर हो सके, तो आप दूध के अंदर हल्दी या फिर छोटी इलायची डाल लें। इससे दूध का जो लाभ है, वह भी बढ़ जाता है और यह डाइजेस्ट भी आसानी से हो जाता है। दही की बात करें, तो दही को भी आप रोजाना 150 से 200 ग्राम तक कंज्यूम कर सकते हैं और इसे भी आपको दिन में दो टाइम में डिवाइड करके ही खाना है, एक बार में बहुत सारा नहीं खाना है। दही बॉडी में कफ और पित्त दोष को बढ़ाता है, इसलिए ऐसे लोग जिनके अंदर ये दोष बढ़े हुए हैं, उन्हें दही नहीं खाना चाहिए। आयुर्वेद के अनुसार, दही का सेवन हमेशा दिन के समय में ही करना चाहिए, जब आपकी डाइजेस्टिव फायर अपने पीक पर होती है। रात में दही का सेवन करने से बहुत सारी बीमारियाँ पैदा हो सकती हैं और आपके अंदर हार्मोनल और जो हमारे वात, पित्त, कफ दोष होते हैं, उनके अंदर इंबैलेंस भी पैदा हो सकता है।
निष्कर्ष
तो दोस्तों, पूरी वीडियो का जो कन्क्लूजन है, वह यह है कि हम दूध को डायबिटीज के अंदर और दही को डायबिटीज के अंदर इस्तेमाल तो कर सकते हैं, लेकिन उसकी तीन शर्तें हैं। पहली शर्त है कि आपको बहुत ज़्यादा मात्रा में एक साथ दूध या दही का सेवन नहीं करना है। हमेशा थोड़ा-थोड़ा करके दिन में दो-तीन बार में डिवाइड करके ही इनका इस्तेमाल करना है। दूसरी, आपको कोशिश करनी है कि लो फैट और अनस्वीटेंड दूध और दही का इस्तेमाल करें, क्योंकि ये आपके लिए नुकसानदेह हो सकते हैं। अगर आप लो फैट और अनस्वीटेंड दूध का इस्तेमाल नहीं करते हैं, तो यह ब्लड शुगर को बढ़ा सकता है। तीसरी और सबसे इंपोर्टेंट बात, दूध और दही को हमेशा दिन में कई बार विभाजित करके ही सेवन करें, जिससे कि आपका ब्लड शुगर कंट्रोल में रहे।
सोर्स-: आयुर्वेदिक डॉक्टर सलीम जी का यूट्यूब चैनल
सलीम जी को सुनने के लिए इस लिंक (https://youtu.be/eymQxV1v8gk?si=8pWmjFx-atQbKesA )पर क्लिक कर सकते हैं
Diclaimer:
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